हिंसक झड़प के बाद असम-मिजोरम सीमा पर तनाव, कई लोग घायल

घंटों तक चली इस हिंसक झड़प में मिजोरम के चार लोगों समेत कई लोग घायल हो गए. (सांकेतिक फोटो)

Assam- Mizoram Clash: मिजोरम सरकार ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय रिजर्व वाहिनी (Indian Reserve Corps) को तैनात किया है, जोकि मिजोरम के वैरेंगते गांव के पास और असम के लैलापुर अंतर्गत आते हैं.

आइजोल/सिलचर. असम (Assam) और मिजोरम (Mizoram) के लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प में कई लोगों के घायल होने के बाद दोनों राज्यों की सीमा पर तनाव की स्थिति बन गई है. आइजोल (Aizwal) में एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अब इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, जो कि मिजोरम के कोलासिब (Kolasib) और असम के कछार (Kachar) जिले में है. अधिकारी ने कहा कि मिजोरम सरकार ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय रिजर्व वाहिनी (Indian Reserve Corps) को तैनात किया है, जोकि मिजोरम के वैरेंगते गांव के पास और असम के लैलापुर अंतर्गत आते हैं.

मिजोरम के कोलासिब जिले का वैरेंगते गांव राज्य का उत्तरी हिस्सा है, जिससे गुजरता राष्ट्रीय राजमार्ग-306 (National Highway-306) असम को इस राज्य से जोड़ता है. वहीं, असम के कछार जिले का लैलापुर इसका सबसे करीबी गांव है. कोलासिब जिले के पुलिस उपायुक्त एच लल्थलंगलियाना ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि शनिवार शाम को लाठी-डंडे लिए असम के कुछ लोगों ने सीमावर्ती गांव के बाहरी क्षेत्र में स्थित ऑटो रिक्शा स्टैंड के पास कथित तौर पर एक समूह पर पथराव किया, जिसके बाद वैरेंगते गांव के निवासी भारी संख्या में एकत्र हो गए.

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धारा-144 के बावजूद भीड़ ने की 20 दुकानों और झोपड़ियों में लगाई आगउन्होंने कहा कि इलाके में लागू निषेधाज्ञा के बावजूद वैरेंगते गांव की गुस्साई भीड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 20 अस्थायी झोपड़ियों और दुकानों को आग लगा दी, जोकि लैलापुर गांव के लोगों की थीं.

पुलिस उपायुक्त ने कहा कि घंटों तक चली इस हिंसक झड़प में मिजोरम के चार लोगों समेत कई लोग घायल हो गए. उन्होंने कहा कि झड़प में घायल एक व्यक्ति को कोलासिब जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसके में गगर्दन में गहरा घाव होने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. वहीं, तीन लोगों का इलाज वैरेंगते गांव के जनस्वास्थ्य केंद्र में किया गया.

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लगभग हर साल होती हैं ऐसी घटनाएं
पुलिस ने कहा कि एक घायल को असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इस बीच, असम के वन मंत्री एवं स्थानीय विधायक परिमल शुक्ला बैद्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं लगभग हर साल होती हैं क्योंकि दोनों ही तरफ के लोग अवैध तरीके से पेड़ काटते हैं. उन्होंने कहा, ‘ मैं इस मामले को देखूंगा.’

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