नवरात्रि 2020: सती का हृदय गिरा था जहां वहां है गुजरात का अम्बाजी का मंदिर, 9 शक्तिपीठों में से है एक

नवरात्रि 2020 में करें गुजरात के अम्बाजी का मंदिर का दर्शन (फोटो साभार: instagram/ambaji_gujrat)

शारदीय नवरात्रि २०२० (Shardiya Navratri 2020): गुजरात का अम्बाजी का मंदिर 9 शक्तिपीठों में से है एक है. जाने मंदिर से जुड़ी मान्यता और कथा….

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 18, 2020, 9:15 AM IST

शारदीय नवरात्रि २०२० (Shardiya Navratri 2020/ Navratri 2020 Second Day): देवी भक्ति की विशेष पूजा-अर्चना का पर्व तथा मां दुर्गा की आराधना को समर्पित शारदीय नवरात्रि 2020, 17 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है. आज नवरात्रि 2020 का दूसरा दिन है. हिन्दू धर्म में नवरात्रि (Navratri) का विशेष महत्व होता है. नवरात्रि (Navratri) मां नवदुर्गा की उपासना का पर्व है. नवरात्रि (Navratri) वह समय होता है, जब हवन, यज्ञ और पूजा पाठ करने से अत्याधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है. हवन और पूजा पाठ करने से न केवल मानसिक शक्ति मिलती है, बल्कि इससे विचारों में भी शुद्धि आती है. इस त्योहार पर लोग वैदिक परंपरा से पूजा करते हैं और हजारों लोग माता दुर्गा के दर्शनों के लिए जाते हैं.

51 शक्तिपीठों में से एक
हिंदू धर्म में पुराणों का विशेष महत्‍व है और इन्‍हीं पुराणों में माता के शक्‍तिपीठों वर्णन मिलता हैं. माता के इन शक्तिपीठों के बनने की एक पौराणिक कथा है. दक्ष प्रजापति की पुत्री सती के मृत शरीर को लेकर भगवान शिव पृथ्वी पर तांडव करते हुए घूमने लगे. तब भगवान विष्णु ने अपने चक्र से सती के मृत शरीर को टुकड़े-टुकड़े में काट दिया. सती के शरीर के अंग, वस्त्र और आभूषण जहां-जहां गिरे, उन जगहों पर मां दुर्गा के शक्तिपीठ बनें. ये शक्तिपीठ पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में फैले हैं. देवी पुराण में 51 शक्तिपीठ बताए गए हैं. अब शुरुआत नवरात्रों की हो और जयकारे मां के शक्‍तिपीठों के न लगें, ऐसा कैसे हो सकता है. गुजरात में अम्बाजी का मन्दिर भी एक विशेष शक्तिपीठ है जहां हर साल नवरात्रि में विशाल पूजा होती है.

श्रीयंत्र की होती है पूजाभारत में मां शक्ति के 51 शक्तिपीठों में शामिल सबसे प्रमुख स्थल में से एक अंबाजी मंदिर है क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि यहां माता सती का हृदय गिरा था. इस मंदिर के गर्भगृह में मां की कोई प्रतिमा स्थापित नहीं है, बल्कि यहां मौजूद मां का एक श्रीयंत्र की पूजा की जाती है. इस श्रीयंत्र को कुछ इस प्रकार सजाया जाता है कि देखने वाले को लगे कि मां अम्बे यहां साक्षात विराजी हैं. यह मंदिर माता अंबाजी को संर्पित है और गुजरात का सबसे प्रमुख मंदिर है.

विशेष आकर्षण
नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि पर्व में श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां माता के दर्शन के लिए आते हैं. इस समय मंदिर प्रांगण में गरबा करके शक्ति की आराधना की जाती है. समूचे गुजरात से कृषक अपने परिवार के सदस्यों के साथ मां के दर्शन के लिए एकत्रित होते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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