जिस इंसान का हाथ पकड़ क्रिकेट खेलना सीखा, उसकी जिंदगी खतरे में देख मदद के लिए आगे आए सौरव गांगुली

बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली लॉकडाउन के चलते परिवार के साथ घर पर ही समय बिता रहे हैं.

सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की अध्यक्षता वाली बीसीसीआई (BCCI) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जंग में 51 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की है.

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व कप्तान और मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष (BCCI President) सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) के पहले कोच ​मौत से जिदंगी की जंग लड़ रहे हैं. ये वही कोच हैं, जिनका हाथ पकड़कर सौरव गांगुली ने क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा था और जिन्हें बंगाल का रमाकांत आचरेकर कहा जाता है. ऐसे में जबकि कोच अशोक मुस्तफी (Ashok Mustafi) को अस्पताल में वेंटीलेटर पर रखा गया है, गांगुली ने मिसाल पेश करते हुए आगे कदम बढ़ाए हैं और उनके इलाज की जिम्मेदारी उठाई है.

बंगाल क्रिकेट का लाइटहाउस
दरअसल, सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) को अपने दोस्त संजय दास से ये जानकारी मिली कि उनके पहले कोच अशोक मुस्तफी (Ashok Mustafi) को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. संजय और सौरव अच्छे दोस्त हैं और अशोक मुस्तफी के मार्गदर्शन में ही बचपन में क्रिकेट खेला करते थे. सौरव गांगुली का क्रिकेट सफर मुस्तफी का हाथ पकड़कर ही शुरू हुआ था. तब उनके क्रिकेट कोचिंग सेंटर को बंगाल क्रिकेट का लाइट हाउस कहा जाता था.

वेंटीलेटर पर हैं गांगुली के पहले कोचक्रिकट्रैकर की रिपोर्ट के अनुसार, संजय दास ने बताया, हमारे सर बंगाल के रमाकांत आचरेकर हैं. उनका योगदान अनमोल है. बता दें कि रमाकांत आचरेकर महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के कोच थे. कुछ दिनों से अशोक मुस्तफी (Ashok Mustafi) को उम्र संबंधी समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शनिवार को उनकी हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया. अशोक यहां अकेले रहते हैं, जबकि उनकी बेटी इंग्लैंड में रहती हैं.

अस्पताल में फोन कर कहा, मैं हूं न…
सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) को जैसे ही अपने पहले कोच की हालत के बारे में पता चला, उन्होंने उनके इलाज संबंधी सभी इंतजाम कराए. यहां तक कि अस्पताल में भी फोन कर कहा कि कभी भी किसी भी चीज के लिए जरूरत पड़े तो वह मौजूद हैं. 47 वर्षीय सौरव गांगुली ने कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों की मदद के लिए 2 हजार किलो चावल भी दान किए थे. इससे पहले गांगुली ने ईडन गार्डन को क्वारेनटाइन फैसिलिटी बनाने की पेशकश भी की थी.

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