क्रिकेट के सहारे वायरस से लड़ रहे पुजारा, बताया- कैसे मदद मिल रही इस खेल से

चेतेश्वर पुजारा भारत के लिए 77 टेस्ट मैच खेल चुके हैं. (फाइल फोटो)

चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) भारत ही नहीं, दुनिया के उन चुनिंदा क्रिकेटरों में से एक हैं, जिनके खेल की खासियत धीरज और अनुशासन है.

नई दिल्ली: देश में इस समय कोरोनावयरस (coronavirus) के चलते लॉकडाउन (Lockdown) है. यह वक्त लोगों के धैर्य की कड़ी परीक्षा ले रहा है. ऐसे में लोग स्टार क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) से सीख ले सकते हैं. पुजारा भारत ही नहीं, दुनिया के उन चुनिंदा क्रिकेटरों में से एक हैं, जिनके खेल की खासियत धीरज और अनुशासन है. उनका कहना है कि यह वक्त कोरोना वायरस से लड़ने का है. क्रिकेट तो फिर भी इंतजार कर सकता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में चुनिंदा खिलाड़ियों से बात की थी, जिनमें चेतेश्वर पुजारा भी शामिल थे. इस क्रिकेटर ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, ‘लॉकडाउन के वक्त घर में रहना सबसे जरूरी है. हर व्यक्ति को मौजूदा समय में कोरोना के खतरे को समझना चाहिए और घर में ही रहना चाहिए. इससे कई बार हताशा छा सकती है. लेकिन हम ऐसा करके ही इस परेशानी से लड़ सकते हैं.’

चेतेश्वर पुजारा ने कहा ‘इस परेशानी के वक्त में धैर्य और अनुशासन जैसी खूबियां काम आ सकती हैं. बतौर क्रिकेटर मुझमें यह खूबियां हैं और यह अब भी काम आ रही हैं. मैं मानसिक रूप से मजबूत हूं. इससे भी मुझे मदद मिल रही है’ क्रिकेटप्रेमी जानते हैं कि पुजारा के खेल की खासियत अनुशासन ही है. इसी की बदौलत वे खतरनाक परिस्थितियों में भी धैर्यपूर्वक खेल खेलने के लिए जाने जाते हैं.

चेतेश्वर पुजारा इससे पहले कुछ तस्वीरें सामने आई थीं, जिसमें वे पत्नी और बच्चे के साथ खेलते नजर आए थे. वे टेस्ट टीम के अहम सदस्य हैं. उन्होंने 77 टेस्ट मैचों में 48.7 की औसत से 5840 रन बनाए हैं.

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